गारंटी का प्रकार
बिड बॉन्ड, प्रदर्शन गारंटी, अग्रिम भुगतान गारंटी और रिटेंशन गारंटी के उद्देश्य अलग हैं। राशि, लाभार्थी, वैधता, दावा अवधि और गारंटी मुक्त होने की प्रक्रिया स्पष्ट करें।
निविदा की शर्तें
लाभार्थी का निर्धारित प्रारूप और असामान्य, अनिश्चित अवधि वाली या कठिन शर्तें जाँचें। बैंक द्वारा प्रस्तावित बदलावों के लिए लाभार्थी की सहमति आवश्यक हो सकती है।
आगामी निविदाओं का अनुमान
संभावित बोलियाँ, सफलता की संभावना, गारंटी प्रतिशत, परियोजनाओं का एक साथ चलना और सीमा व्यस्त रहने की अवधि से अधिकतम जरूरत का अनुमान लगाएँ।
मौजूदा सीमाएँ
स्वीकृत सीमा, उपयोग, उप-सीमाएँ, मार्जिन, कमीशन, जमानत और दस्तावेज़ देखें। नई या बढ़ी सीमा के मूल्यांकन और मंजूरी के लिए पर्याप्त समय रखें।
नकदी प्रवाह पर प्रभाव
गारंटी नॉन-फंड आधारित सुविधा है, फिर भी नकद मार्जिन, कमीशन और जमानत तरलता को प्रभावित कर सकते हैं। गारंटी के तहत भुगतान माँगे जाने का संभावित प्रभाव भी समझें।
दस्तावेज़ों की तैयारी
निविदा, गारंटी प्रारूप, अनुबंध, वित्तीय विवरण, अनुमान, KYC, जमानत दस्तावेज़ और आंतरिक अनुमतियाँ तैयार रखें। नाम, राशि और तारीखों का मिलान करें।
KSV कैसे मदद करता है
KSV अनुमानित बिक्री, निविदा भागीदारी और गारंटी प्रतिशत के आधार पर सीमा का आकलन तथा बैंकिंग शर्तों, स्वीकृति, दस्तावेज़ों और जारी करने की समयसीमा की समीक्षा में मदद करता है। गारंटी जारी करना बैंक के मूल्यांकन और स्वीकार्य शर्तों पर निर्भर है।